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पà¥à¤°à¤¾à¤¨à¥‡ दाद का इलाज और दवा - Purane Daad Ka Ilaj Aur Dawa in Hindi
दाद à¤à¤• पà¥à¤°à¤•ार का फंगल संकà¥à¤°à¤®à¤£ है जो किसी वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ के सिर, पैर, गरà¥à¤¦à¤¨ या शरीर के अनà¥à¤¯ अंदरà¥à¤¨à¥€ अंगों मे कहीं à¤à¥€ हो सकता है. यह लाल या हलà¥à¤•े à¤à¥‚रे रंग का होता है. जो आकार में गोल होता है. यह इंसान, जानवर किसी से à¤à¥€ फैल सकता है. हालाà¤à¤•ि, यह आसानी से ठीक à¤à¥€ किया जा सकता है. यह किसी कीड़े से नहीं होता ये तो à¤à¤• फंगल संकà¥à¤°à¤®à¤£ है. अगर आपको ये संकà¥à¤°à¤®à¤£ है तो आप अपने शरीर के किसी à¤à¥€ हिसà¥à¤¸à¥‡ पर लाल गोल निशान देख सकते हैं. ये बहà¥à¤¤ तेज़ी से फेलता है जिस जगह पर हà¥à¤† है उसके आस पास की जगह पर à¤à¥€ फैलने लगता है. इसका संकà¥à¤°à¤®à¤£ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ बà¥à¤¨à¥‡ पर आप शरीर पर उà¤à¤¾à¤° और फà¥à¤‚सियाठà¤à¥€ देख सकते हैं. दाद के दौरान अतà¥à¤¯à¤§à¤¿à¤• खà¥à¤œà¤²à¥€ पैदा होती है. खà¥à¤œà¤²à¥€ à¤à¤• à¤à¤¸à¤¾ चरà¥à¤® रोग है जो आनंद देता है खà¥à¤œà¤¾à¤¨à¥‡ में. जब तब तà¥à¤µà¤šà¤¾ जलने न लगे तब तक खà¥à¤œà¤²à¤¾à¤¹à¤Ÿ शांत नहीं होती. इस रोग में सबसे अधिक शरीर की सफाई पर धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ देना चाहिये. चूंकि यह रोग à¤à¤• वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ से दूसरे वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ तक शीघà¥à¤° पहà¥à¤‚चाता है इसलिय संकà¥à¤°à¤®à¤¿à¤¤ के कपड़े अलग रखकर उनकी गरम पानी से धà¥à¤²à¤¾à¤ˆ करनी चाहिये.
आइठइस लेख के माधà¥à¤¯à¤® से हम पà¥à¤°à¤¾à¤¨à¥‡ दाद के इलाज के विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ तरीकों पर à¤à¤• नजर डालें ताकि लोगों की परेशानी कà¥à¤› हद तक कम हो सके.
पà¥à¤°à¤¾à¤¨à¥‡ दाद के इलाज के लिठआवशà¥à¤¯à¤• सामगà¥à¤°à¥€ तथा दवा बनाने का तरीका - Purana Daad Ka Ilaj Aur Dawa
1. पहला तरीका: - लोहे की कà¥à¤¾à¤ˆ में à¤à¤• किलो गंधक और ढाई सौ गà¥à¤°à¤¾à¤® घी डालकर आंच पर गला लें. उसके बाद पहली शà¥à¤¦à¥à¤§à¤¿ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° मिटटी की नांग में गंधक से दà¥à¤—à¥à¤¨à¤¾ दूध à¤à¤°à¤•र उसके मà¥à¤‚ह पर à¤à¤• नया, पतला कपडा गीला करके बाà¤à¤§ दें और उस गंधक को उस.
2. दूसरा तरीका: - टमाटर और नींबू की खटà¥à¤Ÿà¤¾à¤‡ खटाई खून को साफ करती है. खून साफ करने हेतॠटमाटर को अकेले ही खाना चाहिà¤. रकà¥à¤¤à¤¦à¥‹à¤· के कारण जब तà¥à¤µà¤šà¤¾ पर लाल चकतà¥à¤¤à¥‡ उठे हों, दांतों से खून निकल रहा हो, मà¥à¤‚ह की हडिà¥à¤¡à¤¯à¤¾à¤‚ सूज गई हो, दाद या बेरी-बेरी रोग हो तो à¤à¤¸à¥‡ में टमाटर का रस दिन में 3-4 बार पीने से बहà¥à¤¤ लाठमिलता है. कà¥à¤› सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ तक रोजाना टमाटर का रस पीने से चरà¥à¤®à¤°à¥‹à¤— ठीक हो जाते हैं. नींबू के रस में इमली के बीज पीसकर लगाने से दाद में लाठहोता हैं.
पà¥à¤°à¤¾à¤¨à¥‡ दाद के इलाज के तरीके- Purane Daad ka Ilaj
अंजीर का दूध लगाने से दाद मिट जाते हैं.
1 कप गाजर का रस रोजाना पीने से तà¥à¤µà¤šà¤¾ के रोग ठीक हो जाते हैं.
तà¥à¤µà¤šà¤¾ के किसी à¤à¥€ तरह के रोगों में मूली के पतà¥à¤¤à¥‹à¤‚ का रस लगाने से लाठहोता है.
शरीर की तà¥à¤µà¤šà¤¾ पर कहीं à¤à¥€ चकतà¥à¤¤à¥‡ हो तो उस पर नींबू के टà¥à¤•ड़े काटकर फिटकरी à¤à¤°à¤•र रगड़ने से चकतà¥à¤¤à¥‡ हलà¥à¤•े पड़ जाते हैं और तà¥à¤µà¤šà¤¾ निखर उठती है.
लहसà¥à¤¨ में पà¥à¤°à¤¾à¤•ृतिक रूप से à¤à¤‚टी फंगल ततà¥à¤µ होते हैं. जो की कई तरीके के फंगल संकà¥à¤°à¤®à¤£ को ठीक करने में सहायक है. जिसमे से दाद à¤à¥€ à¤à¤• है. लहसà¥à¤¨ को छिल कर उसके छोटे छोटे टà¥à¤•ड़े कर दाद पर रख दीजिये जलà¥à¤¦à¥€ आराम मिलेगा.
पके केले के गूदे में नींबू का रस मिलाकर लगाने से दाद, खाज, खà¥à¤œà¤²à¥€ और छाजन आदि रोगों में लाठहोता है.
दाद, खाज और खà¥à¤œà¤²à¥€ में मूंगफली का असली तेल लगाने से आराम आता है.
पà¥à¤°à¤¾à¤¨à¥‡ दाद का इलाज करने के लिठछोटे-छोटे राई के दानों को 30 मिनट तक किसी बरà¥à¤¤à¤¨ में पानी में à¤à¤¿à¤—ो कर रख दें. इसके बाद उसका पेसà¥à¤Ÿ बनाकर जहां दाद है वहाठपर लगा लें.
à¤à¤²à¥‹ वेरा का अरà¥à¤• हर तरह के फंगल संकà¥à¤°à¤®à¤£ को ठीक कर देता हैं. इसे तोड़कर सीधे दाद पर लगा लीजिये ठंडक मिलेगी. हो सके तो रात à¤à¤° लगा कर रखें. à¤à¤²à¥‹ वेरा का नियमित सेवन करने और पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ सà¥à¤¥à¤¾à¤¨ पर लगाने से दाद और खà¥à¤œà¤²à¥€ में बहà¥à¤¤ आराम मिलता हैं.
नीम के पतà¥à¤¤à¥‹à¤‚ को पानी में उबालकर सà¥à¤¨à¤¾à¤¨ करना चाहिये.
काले चनों को पानी में पीस कर दाद पर लगायें. दाद में आराम आà¤à¤—ा.
शरीर के जिन सà¥à¤¥à¤¾à¤¨à¥‹à¤‚ पर दाद हों, वहां बड़ी हरड़ को सिरके में घिसकर लगाà¤à¤‚.
छिलके वाली मूंग की दाल को पीसकर इसका लेप दाद पर लगाà¤à¤‚.
दाद होने पर हींग को पानी में घिस कर नियमित पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ सà¥à¤¥à¤¾à¤¨ पर लगाने से पà¥à¤°à¤¾à¤¨à¥‡ दाद में अतà¥à¤¯à¤‚त आराम मिलता है.
नौसादर को नींबू के रस में पीसकर दाद में कà¥à¤› दिनों तक लगाने से दाद दूर हो जाता है.
आंवले का छिलका हटाकर उसकी गà¥à¤ ली को जलाने के बाद उसके à¤à¤¸à¥à¤® में नारियल तेल मिशà¥à¤°à¤¿à¤¤ करके बने मलहम को खà¥à¤œà¤²à¥€ वाले सà¥à¤¥à¤¾à¤¨ पर लगाने से खà¥à¤œà¤²à¥€ की समसà¥à¤¯à¤¾ दूर होती है.
पà¥à¤°à¤¾à¤¨à¥‡ दाद का इलाज करने के लिठपहले नीम की पतà¥à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को गरम पानी में ठीक से उबालें इसके बाद उसे खà¥à¤œà¤²à¥€ वाले सà¥à¤¥à¤¾à¤¨ पर लगायें.
काली मिरà¥à¤š à¤à¤µà¤‚ गंधक को घी में मिलाकर शरीर पर लगाने से खà¥à¤œà¤²à¥€ दूर होती है.
à¤à¤• चमà¥à¤®à¤š टमाटर के रस में दो चमà¥à¤®à¤š नारियल का तेल मिलाकर मालिश करें और फिर उसके आधे घंटे बाद सà¥à¤¨à¤¾à¤¨ कर लेने से खà¥à¤œà¤²à¥€ में राहत मिलती है.
सà¥à¤µà¤®à¥‚तà¥à¤° चिकितà¥à¤¸à¤¾ से à¤à¥€ इसका लाà¤à¤ªà¥à¤°à¤¦ इलाज होता है. छ: दिन का पà¥à¤°à¤¾à¤¨à¤¾ सà¥à¤µà¤®à¥‚तà¥à¤° दाद खà¥à¤œà¤²à¥€ पर लगाने से और सà¥à¤µà¤®à¥‚तà¥à¤° की पटà¥à¤Ÿà¥€ रखने से चमतà¥à¤•ारी लाठमिलता है.
उपरोकà¥à¤¤ दाद वाले इलाज खà¥à¤œà¤²à¥€ में à¤à¥€ उतनी ही उपयोगी हैं जितने दाद में बचà¥à¤šà¥‹ को पहनाये जाने वाले डाइपर बहà¥à¤¤ हानिकारक होते हैं, जहाठतक हो सके उन से परहेज करे.दाद खाज-तà¥à¤µà¤šà¤¾ के à¤à¤¸à¥‡ रोग हैं कि लापरवाही बरतने से हमेशा के मेहमान बन जाते हैं.
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